फिर से विश्वास मत कराया जाए : करात
करात ने यहां एक बयान में कहा, "विधानसभा में सोमवार को हुआ विश्वास मत मजाक था और लोकतांत्रिक नियमों का सरासर उल्लंघन था।"
करात ने कहा, "माकपा फिर से दोहराती है कि विधानसभा में फिर से विश्वास मत कराया जाए, जिसमें सभी विधायकों को हिस्सा लेने और मत देने की अनुमति दी जाए।"
करात ने कहा, "ऐसा किए बगैर बी. एस. येदियुरप्पा सरकार को ऐसा नहीं माना जा सकता कि उसने विश्वास मत हासिल कर लिया है।"
करात की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले ही कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की अनुशंसा की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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