रनवे छोटा होने की वजह से बढ़ी हज यात्रियों की परेशानी
अधिकारियों के मुताबिक हज यात्रियों को यहां से ले जाने वाले बोइंग-747 के बड़ा होने के कारण उसे रनवे पर भी करीब 12 हजार फीट जगह की आवश्यकता होती है। सांगानेर हवाई अड्डे का रनवे करीब नौ हजार फीट का ही है। इस विमान में करीब 400 यात्री बैठ सकते हैं। रनवे की लम्बाई कम पड़ जाने के कारण विमान को जयपुर में उतारने की अनुमति नहीं मिली है।
विमान के जयपुर नहीं आने से हज यात्रियों के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी हुई हैं। सबसे पहली समस्या तो उनके लिए विशेष चार्टर की व्यवस्था करने की थी जबकि दूसरी समस्या कस्टम क्लीयरेंस की आई। दिल्ली हवाई अड्डे पर काफी भीड़ होने के कारण क्लीयरेंस में काफी समय लग जाता है।
राज्य के उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली हवाई अड्डे के अधिकारियों से बातचीत की। इस पूरे मामले में चार से पांच घण्टे खराब हो गए। इसके बाद यह निर्णय किया गया कि यह विमान भी दिल्ली के हज टर्मिनल से ही उड़े। इस टर्मिनल पर भीड़ कम होने के कारण कस्टम क्लीयरेंस में भी कम समय लगेगा। विमानपत्तन प्राधिकरण के महानिदेशक ने बोइंग 747 विमान को जयपुर में उतारने की मंजूरी नहीं दी।
सांगानेर हवाईअड्डे के निदेशक आर. के. सिंह ने कहा कि यहां पर -डी श्रेणी के विमान ही उतर सकते हैं। बोइंग 747 विमान बड़ा होने के कारण -डी श्रेणी में आता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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