छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करेगी सरकार
राज्य में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान जुलाई में शिथिल पड़ गया था क्योंकि घने जंगलों में छिपे नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को कार्रवाई करने में मुश्किल आ रही थी।
पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "मानसून के दौरान नक्सलियों के खिलाफ कमजोर पड़े अभियान को अब हम आक्रामक रूप देंगे।"
छत्तीसगढ़ के 40,000 वर्ग किलोमीटर बस्तर का क्षेत्र नक्सलियों का लंबे समय से गढ़ रहा है। यहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई रोकने के लिए नक्सलियों ने जगह-जगह बारूदी सुरंग लगा दिया है।
अधिकारी ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के पांच जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर और कांकेर में राज्य पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 40,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस महासमुंद और रायपुर जिले के उन इलाकों में भी अपने अभियान में तेजी लाएगी, जहां नक्सलियों ने हाल के महीनों में हमले किए हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य के 18 जिलों में से 13 में नक्सलियों की उपस्थिति है, जबकि सात जिलों में उनका दबदबा है। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2000 में राज्य के अस्तित्व में आने के बाद यहां हुए नक्सली हमलों में 2,100 लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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