भाजपा ने राष्ट्रपति से भारद्वाज को हटाने की मांग की
भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने रविवार रात एक बयान जारी कर कहा कि भारद्वाज के व्यवहार से भाजपा को बेहद आश्चर्य हुआ है। "उनके भेदभावपूर्ण एवं असंवैधानिक रवैये से हम बेहद नाराज हैं। उन्होंने सभी संवैधानिक परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश जारी किया है।"
उल्लेखनीय है कि भारद्वाज ने एक पत्र के माध्यम से बोपैया को 224 सदस्यीय विधानसभा में छह दिसम्बर को यथास्थिति को बरकरार रखने का निर्देश दिया है। मतलब राज्यपाल ने बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।
सुषमा ने कहा कि राज्यपाल ने एक तरीके से विधानसभा अध्यक्ष को धमकी दी है कि वह यदि राजभवन के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो सोमवार को विधानसभा में होने वाले विश्वास मत को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह से विश्वास मत को प्रभावित करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि भाजपा महामहिम से अपील करती है कि वह भारद्वाज को तत्काल वापस बुलाएं, क्योंकि उन्होंने पद पर बने रहने का कानूनी व नैतिक अधिकार खो दिया है।
जब तक उन्हें वापस नहीं बुलाया जाता है तब तक राज्य में संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास कायम नहीं होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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