तालिबान के साथ अनौपचारिक वार्ता जारी : करजई
करजई ने कहा कि शांति परिषद के गठन से तालिबान के साथ 'आधिकारिक तौर पर और अधिक सशक्त ढंग से' बातचीत करने में मदद मिलेगी।
करजई ने समाचार चैनल सीएनएन से साक्षात्कार के दौरान कहा, "हम तालिबान से देश के नागरिकों की तरह की बातचीत कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "तालिबान के साथ नियमित या किसी आधिकारिक वार्ता स्थल पर बातचीत नहीं हो रही है लेकिन कुछ समय से अनौपचारिक बातचीत जारी है।"
करजई के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति बुहानुद्दीन रब्बानी की अध्यक्षता में 'हाई पीस काउंसिल' का गठन किया गया है जिसे तालिबान के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने का दायित्व सौंपा गया है।
करजई ने कहा कि वे चाहते हैं कि ऐसे तालिबानी स्वदेश लौट आएं जो अफगानी हैं और अफगानी धरती की संतान हैं और जो विभिन्न कारणों और अफगानिस्तान के हालात की वजह से हिसा की राह पर चल पड़े हैं।
उन्होंने कहा, "वे उन बच्चों की तरह हैं जो घर से भाग जाते हैं और परिवार उन्हें वापस लाने का प्रयास करता है। परिवार को उन्हें वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए और उन्हें बेहतर अनुशासन देते हुए समाज और परिवार में वापस लाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति रब्बानी इसी भावना से आज शांति परिषद का दारोमदार संभाल रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि अफगान सरकार अलकायदा जैसे संगठन से बातचीत नहीं करेगी।
करजई ने कहा, "जो लोग अलकायदा और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़े हैं, जिनकी विचारधारा हमारे खिलाफ है या जो अफगानिस्तान के विरोध में काम कर रहे हैं हम उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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