हंगामे के बीच येदियुरप्पा सरकार ने विश्वासमत जीता (लीड-2)
विश्वास मत प्रस्ताव पर मतदान से पहले विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया ने 16 बागी विधायकों को अयोग्य करार कर दिया था। इनमें 11 सत्ताधारी भाजपा से हैं जबकि पांच निर्दलीय हैं।
इससे पहले रविवार को राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने विधानसभा अध्यक्ष को बागी विधायकों को अयोग्य करार नहीं देने की सलाह दी थी। बोपैया ने राज्यपाल की सलाह के विपरित कदम उठाते हुए विधायकों को मतदान से वंचित कर दिया।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "विधानसभा अध्यक्ष ने सभी 16 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने वाला पत्र स्वयं सौंपा। इस कारण उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने की अनुमति नहीं होगी।"
अयोग्य करार दिए गए विधायकों ने मुख्यमंत्री के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए विगत छह अक्टूबर को 29 महीने पुरानी येदियुरप्पा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
बोपैया ने आठ अक्टूबर को इन सभी बागियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और रविवार शाम पांच बजे तक जवाब मांगा था।
इन 16 बागी विधायकों में से आठ मंत्री थे। उन्हें मुख्यमंत्री की सिफारिश पर बर्खास्त कर दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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