लेाक सेवा गारंटी अधिनियम का जनजातीय बोली में होगा अनुवाद
राज्य में नौ विभागों की 26 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी प्रदाय अधिनियम में शामिल किया गया है, जिसके मुताबिक जिम्मेदार अधिकारी को तय समय सीमा में आम नागरिकों की समस्या का समाधान करना होगा। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी पर अर्थदंड आरोपित किया जाएगा। इस अधिनियम की शुरुआत नौ अक्टूबर तक हो चुकी है।
अधिनियम को जनजातीय वर्ग भी आसानी से समझ सकें और उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो, इसीलिए सरकार ने इस अधिनियम को जनजातीय बोलियों गोंड़ी, भीली और कोरकू में अनुवादित कराने का निर्णय लिया हैं ।
राज्य के एक मंत्री विजय शाह के मुताबिक अनुवादित अधिनियम का लोकार्पण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वनवासी यात्रा के दौरान 28 अक्टूबर को करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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