कर्नाटक में लोकतंत्र की जीत हुई : गडकरी (लीड-1)
गडकरी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "सौभाग्य से आज का दिन लोकतंत्र और समाजवाद के संरक्षक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती है। इस शुभ अवसर पर कर्नाटक में भाजपा की बहुमत से जीत लोकतंत्र की जीत और जेपी को एक सच्ची श्रद्घांजलि भी है। वास्तव में यह लोकतंत्र की विजय है। इसके लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और वहां की पार्टी इकाई धन्यवाद के पात्र हैं।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) के पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक रवैये के बावजूद भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर यह स्पष्ट कर दिया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ यदि कोई अलोकतांत्रिक कदम उठाया जाएगा तो उसका हश्र ऐसा ही होगा। यह केवल भाजपा की ही नहीं वरन संपूर्ण कर्नाटक राज्य की जनता की जीत है।
गडकरी ने कहा, "कर्नाटक में कांग्रेस और जेडी (एस) ने जिस प्रकार विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए धन-बल और बाहुबल का इस्तेमाल कर भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश की वह लोकतंत्र की हत्या करने का ही कुप्रयास था जिसका मुंहतोड़ जवाब वहां भाजपा ने दिया।"
केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गडकरी ने कहा कि केंद्र के इशारे पर कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने जो असंवैधानिक रवैया अपनाया, वह पूरी तरह से अनुचित था।
उन्होंने कहा, "राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया पर दबाव बनाते हुए जिस प्रकार विश्वास मत से पहले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की अर्जी पर किसी भी विधायक को अयोग्य घोषित न करने और संख्या में किसी प्रकार का परिवर्तन होने पर उनका (राज्यपाल) निर्णय ही अंतिम होने की चेतावनी देकर संवैधानिक प्राधिकार के रूप में अध्यक्ष के अधिकार में हस्तक्षेप करने की कोशिश की, भाजपा उसकी कड़ी भर्त्सना करती है। राज्यपाल को जहां तटस्थ रुख अपनाना चाहिए था वहां उन्होंने पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया, जो घोर निंदनीय है।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्नाटक में इस करारे जवाब से सबक लेते हुए केंद्र सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का अब कोई अलोकतांत्रिक रवैया नहीं अपनाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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