प्रणब मुखर्जी एशिया के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री
इस संदर्भ में पत्रिका ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक वित्तीय संकट से बाहर निकालने और वित्तीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित मजबूत वृद्धि को बनाए रखने के लिए मुखर्जी की क्षमता का जिक्र किया है।
पत्रिका ने मुखर्जी को वित्तीय पारदर्शिता, ईंधन कीमतों में सुधार और समग्र वृद्धि संबंधी रणनीति के लिए एशिया में सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री का दर्जा दिया है।
पत्रिका ने कहा है कि मुखर्जी ने संकट के दौरान अर्थव्यवस्था में सीधे प्रोत्साहन डाल कर तथा पांच वर्षो के दौरान प्रोत्साहन को घटाने की एक विश्वसनीय योजना सामने लाकर भारत को वृद्धि के मार्ग पर बनाए रखा।
मुखर्जी ने इस वर्ष के जून महीने में पेट्रोल कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर अपनी सुधारवादी जोश का परिचय दिया था। इस कदम से जीडीपी का 1.5 प्रतिशत बोझ कम हो सकता है।
मुखर्जी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक के जरिए सरकार के गरीबी विरोधी कदम को आगे बढ़ाया, जिसका लक्ष्य गरीबी रेखा से नीचे के आठ करोड़ घरों को अनाज उपलब्ध कराना है।
इस वर्ष का पुरस्कार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अर्थशास्त्रियों, विश्लेषकों, बैंकरों, निवेशकों और अन्य विशेषज्ञों द्वारा किए गए नामांकनों पर आधारित है।
वित्त मंत्रालय की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है, "यह पुरस्कार स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री के उस आत्मविश्वास का संकेत करता है, जिसे उन्होंने ईंधन कीमतों में सुधार, वित्तीय पारदर्शिता और समग्र वृद्धि की अपनी रणनीतिक सदाचार के जरिए प्रमुख घटकों में भरा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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