भाजपा के विश्वास मत की माकपा ने की निंदा
माकपा ने इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि किसी सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए सदन में बहुमत साबित करना होता है।
विश्वास मत से पहले 16 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने का जिक्र करते हुए माकपा ने कहा कि येदियुरप्पा सरकार ने मत विभाजन कराने से इंकार कर दिया और बहुमत का दावा करने के लिए ध्वनिमत का रास्ता अपनाया।
माकपा ने कहा, "इस तरह का कृत्य बेशर्म संवैधानिक अनौचित्य है। येदियुरप्पा सरकार जब तक मत विभाजन के जरिए अपना बहुमत साबित नहीं कर लेती, तब तक वह सत्ता में नहीं रह सकती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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