विधानसभाध्यक्ष का रवैया पक्षपातपूर्ण : मोइली
मोइली ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "विधानसभा अध्यक्ष का फैसला पक्षपातपूर्ण था। उन्होंने जो तरीका अपनाया वह असंवैधानिक था। विधायकों को अयोग्य करार देने से पहले उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया। प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। सदस्यों को अयोग्य करार दिए जाने से पहले जो कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया है, उसे धता बताया गया।"
उन्होंने कहा कि विधानसभाध्यक्ष ने ध्वनि मत से विश्वास प्रस्ताव पारित कराकर विधानसभा में भय का माहौल बना दिया। भाजपा ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
मोइली ने कहा कि कर्नाटक की भाजपा सरकार अल्पमत में है और उसे अपने ही सदस्यों का समर्थन प्राप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य का संवैधानिक मुखिया होने के नाते राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को संविधान के मुताबिक फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि राज्यपाल ने वहां राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications