कर्नाटक की घटनाएं लोकतंत्र की हत्या : कांग्रेस
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार ने जिस तरीके से विश्वास मत जीता है, "वह लोकतंत्र और संविधान की हत्या है" और राज्यपाल द्वारा रिपोर्ट भेजे जाने के बाद कांग्रेस अपनी रणनीति तय करेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां कहा, "कर्नाटक में जो कुछ हुआ, वह न केवल लोकतंत्र की पूर्ण रूप से हत्या है, बल्कि देश में संविधान की हत्या भी।"
तिवारी ने कहा, "एक अल्पमत सरकार विधानसभा अध्यक्ष की कपटपूर्ण व जोड़तोड़ की कार्रवाई के जरिए बहुमत में बदल दी गई।"
तिवारी ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सदस्य संख्या को लेकर भरोसे में थी, तो विधानसभा में सही तरीके से मत विभाजन होना चाहिए था। उन्होंने कहा, "राज्यपाल की रिपोर्ट का इंतजार है.. कांग्रेस उसके बाद अपनी रणनीति तय करेगी।"
कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विधानसभा के बाहर की घटनाएं विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। कई निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा, "निर्दलीय विधायकों पर किसी भी राजनीतिक पार्टी का अधिकार नहीं है।"
ज्ञात हो कि देश के दक्षिणी हिस्से में भाजपा की पहली सरकार ने सोमवार को ध्वनि मत से विश्वास मत जीत लिया। राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष के.जी.बोपैया द्वारा सुबह 10 बजे बुलाई गई सदन की बैठक में सत्ता पक्ष के 106 विधायकों ने 'यस' कह कर सरकार में विश्वास व्यक्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 16 विद्रोही विधायकों (11 भाजपा व पांच निर्दलीय) को पहले ही अयोग्य करार कर दिए जाने के बाद विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या 225 से घट कर 208 हो गई और सदन में बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक सदस्यों की संख्या 105 पर आ गई।
11 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद सत्ताधारी पार्टी के विधायकों की संख्या भी घट कर विधानसभा अध्यक्ष सहित 106 हो गई। जबकि कांग्रेस के पास 73 और जेडी (एस) के पास 28 विधायक हैं। बाकी छह विधायक निर्दलीय हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications