नोबेल पुरस्कार के बाद लिउ की पत्नी व संबंधियों पर संकट
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार खबरों में शनिवार को कहा गया है कि पुलिस ने लिउ की पत्नी को बीजिंग छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया, और माना जा रहा है कि उन्हें उत्तर पूर्वी शहर जिनझाउ ले जाया गया है, जहां उनके पति लिउ कैद हैं।
अमेरिकी रेडियो 'फ्री एशिया' ने लिउ की पत्नी, लिउ जिया के हवाले से शुक्रवार देर शाम कहा, "पुलिस यहां बैठी मेरा इंतजार कर रही है कि मैं अपने सामान के साथ बाहर निकलूं।"
लिउ जिया ने रेडियो से कहा कि पुलिस ने उनसे कहा कि वह उन्हें जिनझाउ ले जाना चाहती है, लेकिन उन्हें इस बात का भय है कि कहीं उन्हें बीजिंग के बाहर किसी दूसरे स्थान पर नजरबंद न कर दिया जाए।
लिउ जिया ने कहा, "उन्होंने मुझे बताया कि मैं लिउ जियाओबो को कल देख सकूंगी।"
असंतुष्ट वांग जिनबो ने भी लिउ जियाओबो के भाई के हवाले से कहा कि लिउ जिया जिनझाउ स्थित जेल के रास्ते में हैं। पुलिस उनके साथ है।
वांग ने अपने ट्विटर फीड में लिखा है कि लिउ जिया के शनिवार सुबह अपने भाई के साथ जिनझाउ पहुंचने की उम्मीद थी। वांग, लिउ जिया के मित्र हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और मित्रों ने कहा है कि उन्हें लिउ जिया के ठिकाने के बारे में शनिवार शाम तक कोई नई जानकारी नहीं मिल पाई है और उनका मोबाइल फोन लगातार कटा हुआ है।
इस बीच चीनी पुलिस द्वारा लगातार मारे जा रहे छापे के कारण शनिवार को कई सारे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को या तो पकड़ लिया गया है या फिर वे लापता हैं। कई विख्यात कार्यकर्ताओं के फोन शनिवार को लगातारा या तो बंद रहे या व्यस्त बने रहे।
पुलिस ने लिउ जियाओबो को सम्मानित किए जाने का समारोह मनाने की कोशिश कर रहे कम से कम 20 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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