कर्नाटक भाजपा में संकट गहराया (राउंडअप)
बेंगलुरू/पणजी/नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शनिवार को संकट तब और गहरा गया, जब दो दिन पहले बागियों के खेमे से निकलकर आए दो सदस्यों सहित कई और विधायक गोवा जाकर बागियों के साथ मिल गए, जबकि एक असंतुष्ट मंत्री ने कहा कि वह पार्टी में लौट रहे हैं।
आबकारी मंत्री एम.पी. रेणुकाचार्य, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सबसे बाद में विद्रोह किया था, गोवा से बेंगलुरू लौट आए। उन्होंने संकट से घिरे मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को समर्थन देने की इच्छा जताई है।
दक्षिणी राज्य की 29 महीने पुरानी पहली भाजपा सरकार को 11 अक्टूबर को विश्वास मत हासिल करना है।
इस बीच भाजपा विधायक एस.के. बेल्लुबी और शिवनागौड़ा नाइक, जिन्होंने गुरुवार को सरकार को समर्थन देने की बात कही थी, शनिवार को अपनी बात से पलटते हुए पार्टी विधायक मनप्पा मज्जाला के साथ गोवा रवाना हो गए। इसके साथ ही बागियों की संख्या 19 हो गई है, जिनमें छह निर्दलीय भी शामिल हैं।
जनता दल (सेक्युलर) के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरू में संवाददाताओंे से कहा, "बेल्लुबी और नाइक बागियों के खेमे में लौट आए हैं। उन्होंने मज्जाला एवं शंकरलिंगे गौड़ा जैसे बागियों से हाथ मिला लिया है और पार्टी के अनुदेश का उल्लंघन करते हुए सोमवार को विश्वास मत के खिलाफ वोट देने का निश्चय किया है।"
उधर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दावा है कि सरकार विश्वास मत जीत लेगी, जबकि विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) का कहना है कि सरकार किसी भी सूरत में नहीं बच पाएगी।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें जेडी (एस) के साथ मिलकर सरकार को गिराने की कोशिश करने की बात कही गई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उत्तरी गोवा से सांसद श्रीपद नाइक ने पणजी में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि कर्नाटक के बागी विधायकों के ज्यादातर मुद्दे सुलझ गए हैं और इसका सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। कर्नाटक के 14 असंतुष्ट विधायक यहां से 40 किलोमीटर दूर एक पांचसितारा होटल में पिछले तीन दिनों से ठहरे हुए हैं।
नाइक ने कहा, "बातचीत सकारात्मक रही। मुझे उम्मीद है कि इस मामले में सकारात्मक परिणाम आएगा। विधायकों के ज्यादातर बड़े मुद्दों को सुलझा लिया गया है। कुछ छोटे मामलों का भी समाधान किया जा रहा है।"
नाइक पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर के साथ असंतुष्ट विधायकों से बातचीत कर रहे हैं। बुधवार को 14 असंतुष्टों और पांच निर्दलीय विधायकों ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को राज्य सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंपा था।
इधर, जेडी (एस) के नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के लिए उनके पास आवश्यक आंकड़े हैं।
कुमारस्वामी ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "हमारे पास सरकार गिराने के लिए आवश्यक आंकड़े हैं। शक्ति परीक्षण में सरकार को पराजित करने के बाद ही हम अपनी भावी रणनीति का खुलासा करेंगे।"
ज्ञात हो कि भाजपा ने कांग्रेस के साथ-साथ जेडी (एस) पर भी सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
कुमारस्वामी ने कहा, "सौ फीसदी दावे के साथ कहता हूं कि सरकार गिरेगी।"
उन्होंने कहा कि सरकार गिरने की स्थिति में कांग्रेस के साथ सरकार बनाने को लेकर उनकी अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। "विश्वास मत के बाद हम अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।"
उधर, कांग्रेस ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि जेडी (एस) के साथ मिलकर वह कर्नाटक की भाजपा सरकार को गिराने की कोशिशें कर रही है।
कांग्रेस महासचिव बी. के. हरिप्रसाद ने आईएएनएस को बताया कि जून महीने में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा और जेडी (एस) ने हाथ मिलाए थे और ये दोनों दल अब आपस में लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "तीन माह पहले एक राज्यसभा उम्मीदवार को जिताने के लिए दोनों ने हाथ मिलाया था। हो सकता है कि पैसे के सवाल पर दोनों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई हो।"
ज्ञात हो कि भाजपा ने कर्नाटक के वर्तमान संकट के लिए कांग्रेस और जेडी (एस) को जिम्मेदार ठहराया है।
उल्लेखनीय है कि 225 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के प्रभावी 117, कांग्रेस के 73, जनता दल (एस) के 28 एवं छह निर्दलीय सदस्य हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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