वायु सेना संसाधन बढ़ा रही है: वायुसेना प्रमुख
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पी. वी. नाइक ने रक्षा पत्रिका 'इंडिया स्ट्रेटजिक' को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण की इस परियोजना के अंतर्गत वायु सेना के सभी अड्डों को उन्नत बनाया जा रहा है।
इस काम के जरिए वायु सेना अपने विभिन्न नए मालवाहक और युद्धक विमानों का पूरा उपयोग सुनिश्चित करना चाहती है। भारत भारी मालवाहक सी-17 ग्लोबमास्टर 3 और सी-130जे सुपर हक्र्यूलस विमान खरीद रहा है। ये दोनों विमान फुटबॉल मैदान के बराबर लंबाई की छोटी हवाई पट्टी से भी उड़ान भर सकते हैं।
सभी हवाईअड्डों और हवाई ठिकानों को वायुसेना के सुरक्षित इंट्रानेट एयर फोर्स नेट (एएफएनईटी) से जोड़ा जाएगा।
वायुसेना के कुछ हवाईअड्डों का इस्तेमाल भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ाने संचालित करने के लिए कर रहा है लेकिन ज्यादातर पर वायु सेना का नियंत्रण है। पुणे और चण्डीगढ़ जैसे 28 हवाई अड्डों को नागरिक सेवाओं के लिए खोला गया है।
हवाई ठिकानों के विकास की यह योजना 10 साल पहले बनाई गई थी। तब इसकी कुल लागत 15,000 करोड़ रुपये थी लेकिन अब इसमें वृद्धि हो चुकी है।
विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए इन हवाई अड्डों और हवाई ठिकानों पर कैटेगर-2 का लैंडिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा रडार और विमान भेदी मिसाइलें भी स्थापित की जाएंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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