भारत ने एक बार फिर आईएमएफ में सुधार पर जोर दिया
आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "बुरा दौर गुजर गया है लेकिन अनिश्चितता का समय अभी जारी है।"
उन्होंने कहा, "सुधार और पुननिर्माण के इस दौर में हमें नाजुक हालतों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। इस आर्थिक संकट के दौरान सामने आई अंतर्राष्ट्रीय समन्वय की चुनौतियों को दूर करना होगा।"
आईएमएफ को वैश्विक सामूहिक प्रयासों का केंद्र बताते हुए मुखर्जी ने कहा, "बदलते आर्थिक हालातों के कारण कोष के जनमत के आधुनिकीकरण को लेकर कुछ प्रगति हुई है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।"
उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय एवं मौद्रिक संरचना में कोष की भूमिका को देखते हुए हमें इसे संगठनात्मक और प्रशासकीय सुधारों के जरिए बेहतर बनाना चाहिए ताकि बदलते विश्व में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह प्रासंगिक, वैध और प्रभावी रहे।"
मुखर्जी ने कहा, "हमें विश्वास है कि हम सामूहिक प्रयासों के चलते वैश्विक वित्तीय तंत्र की स्थिरता और संतुलित एवं स्थाई विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications