जड़ें तलाशने भारत आएगा दक्षिण अफ्रीकी समूह
डरबन/नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका का एक समूह भारत में 150 साले पहले रहने वाले अपने पूर्वजों की जड़ें तलाशने के लिए 12 अक्टूबर को भारत आएगा। उनके पूर्वज भारत में गन्ना मजदूर के तौर पर काम करते थे।
दक्षिण अफ्रीका का 16 सदस्यीय दल 150 साल पहले भारत से दक्षिण अफ्रीका पुहंचने वाले अपने पूर्वजों की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है।
दक्षिण अफ्रीका के काजुलू प्रांत में विपक्षी दल 'इंकथा फ्रीडम पार्टी' के सांसद लोरेटा राजकुमार ने कहा, "हमारे अंतर्राष्ट्रीय क्रिश्चियन संगठन से भारतीय मूल का 16 सदस्यीय दल 12 अक्टूबर को भारत पहुंचेगा।"
उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रवासी कार्य मंत्रालय की ओर से 'ट्रेसिंग द रूट' कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो भारतीय मूल के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है।
राजकुमार का कहना है कि मंत्रालय की तरफ से प्रवासी भारतीयों के लिए किया गया प्रयास काफी सराहनीय है।
राजकुमार ने कहा, "मैं इस बात को लेकर खुश हूं कि मैं अपने पूर्वजों की जड़ें तलाश सकूंगा। हमारे पूर्वज भारत में गन्ना मजदूर के रूप में काम करते थे। अपने पूर्वजों के बारे में जानने के लिए काफी प्रयास करना पड़ेगा।"
भारतीय प्रवासी कार्य मंत्रालय के मंत्री व्यालार रवि ने कहा, "भारतीय प्रवासियों के तीसरी और चौथी पीढ़ी के लोग ऐसा महसूस करते हैं कि उनके पूर्वज भारत के रहे हैं लेकिन वे यहां नहीं जानते कि वे कौन थे और कहां से संबंध रखते थे।"
रवि ने कहा कि मंत्रालय काफी खुश है कि वे लोग अपने पूर्वजों के बारे में जानना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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