जोर पकड़ता बिहार विधानसभा चुनाव

बीबीसी संवाददाता, पटना
बिहार विधानसभा चुनाव के सिलसिले में चुनाव प्रचार अभियान अब ज़ोर पकड़ चुका है. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश और केंद्र के बड़े नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरने लगे हैं.
अधिकांश उमीदवारों कि सूची जारी हो जाने और नामांकन पत्र दाख़िल करने का भी सिलसिला शुरू होने के बाद प्रचार अभियान में तेज़ी आ गई है. राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का 'उड़नखटोला' बुधवार से ही उड़ने लगा है.
उन्होंने अपनी चुनावी सभाओं में मुख्य रूप से नीतीश कुमार और कांग्रेस के ख़िलाफ़ तल्ख़ बयानी चालू कर दी है. उधर जवाबी हमले की तैयारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कर ली है.
गुरूवार को पटना में उन्होंने पत्रकारों से कहा,"शुक्रवार से मेरा चुनावी अभियान शुरू होगा और मैंने इसे 'जनादेश यात्रा' नाम दिया है. पांच वर्षों तक मैंने यहाँ जो काम किया है, उसी के आधार पर अगले पांच साल के लिए जनादेश लेने जा रहा हूँ. "
चुनावी दौरे
लालू प्रसाद यादव के कांग्रेस विरोधी बयानों का ज़िक्र करते हुए नीतीश कुमार ने कहा,"लोकसभा में चार सदस्यों की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के नेता को अगली पंक्ति में बैठने की सीट कांग्रेस की ही कृपा से मिली है. यही अकेला उदाहरण ये साबित करता है कि लोगों को भ्रम में रखने के लिए लालू प्रसाद और कांग्रेसी नेता एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बोलने की चुनावी रणनीति अपना रहे है. सच ये है कि दोनों आपस में मिले हुए है."
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेताओं का चुनावी दौरा भी शनिवार नौ अक्तूबर से शुरू हो रहा है. पूरे अक्तूबर महीने में इस दल के जो केंद्रीय नेता बिहार में चुनावी सभाओं को संबोधित करने आ रहे हैं, उनमें नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और राजनाथ सिंह शामिल है.
लालकृष्ण आडवाणी का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है. उधर कांग्रेस के कुछ बड़े प्रादेशिक नेता ही फिलहाल प्रचार मुहिम में जुटे हैं. लेकिन पार्टी की तरफ से ये कहा जा रहा है कि सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के साथ-साथ कई कांग्रेसी केंद्रीय मंत्री चुनावी दौरे पर बिहार आएँगे. ये भी कहा जा रहा है कि फ़िल्म अभिनेता शाहरुख़ ख़ान को यहाँ कांग्रेस के पक्ष में प्रचार के लिए तैयार किया जा रहा है.












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