शिक्षा वीजा की आसान प्रक्रिया चाहता है युगांडा
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफ्रीकी देशों के छात्रों में भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है। युगांडा के 800 से ज्यादा छात्र भारत में अध्ययन कर रहे हैं। इसके चलते युगांडा भारत के साथ शिक्षा वीजा और कम अवधि के रोजगार परमिट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक समझौता करने का इच्छुक है।
युगांडा के खेल मंत्री चार्ल्स बुक्काबुलिंडी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हम भारतीय अधिकारियों के साथ रोजगार वीजा के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। युगांडा के सैकड़ों छात्र यहां पढ़ रहे हैं और वह अंशकालिक नौकरियां करना चाहते हैं।"
बुक्काबुलिंडी ने कहा, "भारतीय मूल के किसी भी व्यक्ति के बच्चों को युगांडा में स्वत: नागरिकता मिल जाती है। भारतीयों के साथ हम अपने लोगों की तरह व्यवहार रखते हैं, हम चाहते हैं कि युगांडा के लोगों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार हो।"
"हमारे छात्र यहां आना पसंद करते हैं और यहां कुछ समय काम करना चाहते हैं।"
युगांडा के उच्चायोग के मुताबिक युगांडा के 800 से ज्यादा छात्र भारत में उच्च शिक्षा ले रहे हैं इनमें से ज्यादातर दिल्ली में हैं।
युगांडा ने भारत के साथ निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए समझौता किया है। भारतीय कम्पनियां युगांडा में निवेश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "अब छात्र वीजा और रोजगार परमिट के लिए समझौता करने का समय है।"
भारतीय कम्पनियां युगांडा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हम भारतीय कम्पनियों से युगांडा में निवेश और बढ़ाने की मांग करते हैं। "हम व्यापार के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हैं।"
भारत और युगांडा का आपसी व्यापार 1.1 अरब डॉलर हो गया है। युगांडा मध्य अफ्रीका में भारत का सबसे बड़ा व्यापार सहयोगी है। युगांडा को भारत के निर्यात में पिछले साल 40 प्रतिशत और आयात में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications