प्रतिभा हत्याकांड : कैब चालक को आजीवन कारावास (राउंडअप)

बेंगलुरू, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। हेलेट पैकार्ड (एचपी) इंडिया की कर्मचारी प्रतिभा मूर्ति से दुष्कर्म और हत्या के मामले में त्वरित अदालत ने शुक्रवार को कैब चालक शिव कुमार को 'आजीवन कारावास' की सजा सुनाई। वर्ष 2005 में हुई इस वारदात ने सूचना प्रोद्यौगिकी कंपनियों को अपनी महिला कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने को विवश कर दिया था।

फैसला सुनाते ही त्वरित अदालत के भीतर और परिसर के बाहर नाटकीय और भावपूर्ण दृश्य उपस्थित हो गए।

प्रतिभा की मां गौरम्मा की आंखों में आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, "मुझे न्याय मिला। मेरी सारी खुशियां हालांकि प्रतिभा के साथ ही चली गईं। वह जहां भी होगी ये सब देख रही होगी।"

वहीं, कैब चालक की पत्नी ने धमकी दी कि यदि उसके पति को रिहा नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।

11वीं त्वरित अदालत में न्यायाधीश बी. वी. गुडली जब कुमार को भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत उम्र कैद की सजा सुनाने लगे, दोषी ने दलील दी कि उसने यह अपराध नहीं किया है और उसकी दलील पर विचार किया जाए।

तनावपूर्ण मुद्रा में शिव कुमार ने न्यायाधीश से कहा, "मैंने जुर्म नहीं किया है, कृपया मेरी दलील पर विचार करें।"

बुधवार को न्यायाधीश ने 28 वर्षीय युवती के अपहरण, उसके साथ दुष्कर्म तथा हत्या के आरोपों में शिव कुमार को दोषी करार दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में फांसी की सजा की मांग की थी।

न्यायाधीश ने दोषी को दुष्कर्म के जुर्म के लिए धारा 376 के तहत 20,000 रुपये के जुर्माने के साथ 20 साल के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई। इसके अलावा प्रतिभा के अपहरण के जुर्म में कुमार को आईपीसी की धारा 366 के तहत 10 हजार रुपये के जुर्माने और 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि यदि उसने जुर्माने की दोनों रकम अदा नहीं की तो उसे एक वर्ष, फिर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

सजा सुनाए जाने के पांच मिनट बाद अदालत की कार्यवाही स्थगित होने पर शिव कुमार ने चिल्लाना शुरू किया, हालांकि वह पुलिस की गिरफ्त में था। उसने कहा कि खुद को निर्दोष साबित करने के लिए वह नार्को-एनालिसिस टेस्ट से गुजरने को तैयार है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में 13 दिसंबर की रात 28 वर्षीया प्रतिभा देर रात की पारी में काम के लिए अपने दक्षिणी बेंगलुरू स्थित घर से दफ्तर के लिए निकली थीं। शिव कुमार उसे लेने आया था। शहर के मध्य से 30 किलोमीटर दूर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के एचपी कार्यालय पहुंचने से पहले यह घटना हुई थी।

प्रतिभा का शव दक्षिण बेंगलुरू के बाहरी इलाके से बरामद किया गया था।

कुमार ने पहले इस मामले में अपना अपराध कबूल कर लिया था, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया था। इस मामले में 71 गवाह पेश किए गए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+