बिहार : सी़ पी़ ठाकुर को मनाने का प्रयास जारी (लीड-2)
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता शहनवाज हुसैन, निवर्तमान विधायक एवं बांकीपुर से भाजपा के प्रत्याशी नितिन नवीन, जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, मंत्री अश्विनी चौबे समेत कई नेता शुक्रवार की शाम ठाकुर के आवास पर पहुंच चुके हैं।
पार्टी प्रवक्ता हुसैन ने कहा, "ठाकुर को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें हम मना लेंगे। इसके बाद भाजपा और ताकतवर होकर उभरेगी। उन्होंने माना कि कई ऐसी सीटें हैं जिन पर गठबंधन के कारण हमें समझौता करना पड़ा।"
इधर, मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि अध्यक्ष को मनाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की जिद के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, उसके बारे में बाद में मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी किसी की 'बपौती' नहीं है।
शरद यादव ने कहा, "वह हमारे साथी हैं। उनका इस्तीफा चौंकाने वाला है। उन्हें मना लिया जाएगा। उन्हें जो गलतफहमी हुई है, उसे दूर किया जाएगा।"
इस बीच ठाकुर के पटना स्थित आवास पर उनके समर्थकों का हुजूम जमा है। इनमें से कई लोग उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।
इस बीच ठाकुर ने भी बातचीत के संकेत दिए हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, "आखिर रहना तो यहीं है। एक वरिष्ठ साथी की टिप्पणी से मुझे दुख हुआ था और इस कारण मैंने इस्तीफा दे दिया। मैंने सोचा कि जो स्थिति है, इसमें अध्यक्ष पद पर बने रहना उचित नहीं है।"
उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया है। ठाकुर ने कहा कि वह भाजपा में बने रहेंगे, चुनाव कार्य में भाग नहीं लेंगे।
गौरतलब है कि सी़ पी़ ठाकुर को चुनाव प्रचार कार्य में शुक्रवार को ही जाना था, लेकिन नहीं गए।
चर्चा है कि उनके पुत्र विवेक ठाकुर को पार्टी द्वारा बांकीपुर से टिकट नहीं दिए जाने से नाराज होकर ठाकुर ने इस्तीफा दिया है।
उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी पार्टी से नाराजगी है, लेकिन इसका एक कारण केवल बांकीपुर से टिकट का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्तीफा के कई कारण हैं। ठाकुर ने पार्टी में खुद की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी द्वारा टिकट बंटवारे में भी उनसे सलाह नहीं ली जाती है तो ऐसे में अध्यक्ष पद पर बने रहने से क्या फायदा।
चुनाव के पूर्व ठाकुर के इस्तीफे को राज्य में भाजपा के लिए बड़ी क्षति मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच मतदान होने हैं। सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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