वायु सेना ने किया आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन (लीड-1)

हिंडन (उत्तर प्रदेश), 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को अपना 78वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के हिंडन एयर बेस पर शानदार परेड का आयोजन किया गया और विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।

विमानों ने आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं छोड़ कर तिरंगे का दृश्य प्रस्तुत किया। वायु सेना ने दिखा दिया कि वह किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है।

एयर बेस पर आयोजित प्रदर्शनी में कुछ विमानों और युद्धक साजो-सामान शामिल किए गए। ये वायु सेना के घातक आक्रामक क्षमता की झलक दे रहे थे। इन साजो-सामान में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, लड़ाकू विमान मिग-29, एमआई-17 1वी मिडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर, वाहक विमान डोर्नियर, उन्नत जेट प्रशिक्षक हाक एमके 132, मिराज-2000, जगुआर, मिग-21 बिजोन व सुखोई-30 एमकेआई के अलावा रूस निर्मित पचोरा मिसाइल के लिए ट्रांसपोर्टर एंड लोडिंग व्हिकल्स (टीएलवी) शामिल थे।

सुबह की शुरुआत हजारों दर्शकों की तीव्र हर्षध्वनि के साथ हुई। स्काईडाइवर्स ने वायु सेना का ध्वज लिए आसमान से नीचे की ओर गोता लगाया। इसके बाद एक प्रभावपूर्ण फ्लाईपास्ट हुआ। लेकिन कम दृश्यता के कारण शो का कुछ मजा किरकिरा हो गया।

एयर शो की शुरुआत डोर्नियर विमान और उसके दोनों तरफ दो एवरोज और दो एएन-32 द्वारा तैयार किए गए एक स्पेक्ट्रम से हुई।

फ्लाईपास्ट में सबसे आगे तीन जगुआर विमान थे। उसके बाद तीन बिजोन (मिग-21), बाज (मिग-29), वज्र (मिराज 2000) विमान और एक एसयू-30 एमकेआई विमान था।

तीन सुखोई विमानों ने आसमान में करतब दिखाते हुए एक त्रिसूल की आकृति निर्मित की।

एयर शो के पहले परंपरागत परेड का आयोजन किया गया। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पी.वी.नाइक ने परेड का निरीक्षण किया और फिर सलामी ली। यह परेड प्रति वर्ष आयोजित की जाती है। यह परेड राष्ट्र सेवा के प्रति वायु सेना के समर्पण के संकल्प के लिए तथा देशवासियों को इसकी ताकत और तत्परता का भरोसा दिलाने के लिए आयोजित की जाती है।

इस अवसर पर नाइक ने 25 वायु सेना पदक भी प्रदान किए। इसमें नौ वीरता के लिए थे। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील की ओर से 30 विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया। नाइक ने वायु सेना की चार इकाइयों को विशिष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

स्थापना दिवस के मौके पर हिंडन के अलावा पश्चिमी वायु सेना कमांड के अंबाला, हलवाडा और आदमपुर एयरबेस पर भी विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना का गठन आठ अक्टूबर 1932 को किया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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