प्रतिभा हत्याकांड में कैब चालक को उम्रकैद
इससे पहले बुधवार को इस बहुप्रतीक्षित फैसले के दौरान सत्र न्यायाधीश बी. वी. गुडली ने कुमार को भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं (302, 364, 366 और 376) के तहत दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में फांसी की सजा की मांग की थी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में 13 दिसंबर की रात 28 वर्षीया प्रतिभा देर रात की पारी में काम के लिए अपने घर से दफ्तर के लिए निकली थीं। शहर के मध्य से 30 किलोमीटर दूर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के एचपी कार्यालय पहुंचने से पहले यह घटना हुई थी।
प्रतिभा का शव दक्षिण बेंगलुरू के बाहरी इलाके से बरामद किया गया था।
कुमार ने पहले इस मामले में अपना अपराध कबूल कर लिया था लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया था। इस मामले में 71 गवाह पेश किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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