ओबामा की यात्रा एक उत्सव साबित होगी : प्रणब
वाशिंगटन, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के साथ आउटसोर्सिग के मसले पर विवाद को महत्व नहीं देते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा का दिल्ली दौरा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे पुराने लोकतंत्र को एक साथ लाने का उत्सव साबित होगा।
यहां व्रूडॉव विल्सन सेंटर फॉर स्कॉलर्स में गुरुवार को भाषण के बाद मुखर्जी से जब यह पूछा गया कि ओबामा की यात्रा से भारत को क्या आशा है तो उन्होंने कहा, "किसी भी बढ़ते रिश्ते के दौरान कई ऐसे मुद्दे होते हैं जिनका बातचीत के माध्यम से समाधान ढूढ़ना होता है।"
मुखर्जी ने कहा कि आउटसोर्सिग और वित्तीय सम्बंधों से जुड़े मसले का समाधान उपयुक्त मंच के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "जहां तक ओबामा की यात्रा का सवाल है तो यह केवल महत्वपूर्ण यात्रा नहीं साबित नहीं होगी बल्कि ओबामा ने जैसा स्वयं कहा है कि यह समय को परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक यात्रा होगी।" इसे एक, दो, तीन या चार मुद्दों में विभाजित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि दो बड़े लोकतंत्र एक संदेश देने के लिए एक साथ आ रहे हैं कि लोकतंत्र में विविधता होनी चाहिए और हमें इस विविधता का विरोध भी नहीं करना चाहिए, हमें मजबूती प्रदान करने वाली विविधता को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "मुझे आशा है कि ओबामा की यात्रा से दुनिया को यह संदेश स्पष्ट तौर पर मिल जाएगा।"
ओबामा द्वारा भारत-अमेरिका साझेदारी को 21वीं शताब्दी का एक परिभाषित रिश्ता करार दिए जाने से सहमति जताते हुए मुखर्जी ने कहा कि हमारा देश इस मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, "मैं आश्वस्त हूं कि यह दौरा भारत-अमेरिका के बीच सम्बंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।"
वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बृहद अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत साझेदारी इस प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के प्रति समर्पण, धर्मनिरपेक्षता जैसे मूल्यों के आधार पर दो देशों के बीच मित्रता की नींव मजबूत होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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