मुद्रा असंतुलन के मसले पर आम राय चाहता है भारत
वाशिंगटन, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वैश्विक मुद्रा बाजार में असंतुलन को लेकर उठे विवाद को सुलझाने के लिए दुनिया के नेताओं से बातचीत के माध्यम से एक राय कायम करने की अपील की है।
यहां व्रूडॉव विल्सन सेंटर में एक भाषण के बाद मुखर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा, "हमें निश्चित तौर पर देशों को बातचीत में शामिल करना चाहिए और एक राय कायम करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि मामला सुलझ सके।"
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक से पहले उन्होंने कहा, "टकराव से इसका समधान नहीं निकल सकेगा, लेकिन बातचीत से इसका समाधान संभव है।" इन दोनों वश्विक संस्थाओं की वार्षिक बैठक में मुद्रा असंतुलन के मुद्दे के छाए रहने की संभावना है।
मुखर्जी ने कहा, "टिकाऊ विकास और स्थिरता के लिए वैश्विक ढांचागत असंतुलन को शीघ्र दूर करने की जरूरत है। कुछ देशों में बड़ा सुरक्षित भंडार तो कहीं घाटा, कुछ देशों में भारी व्यापार लाभ तो कहीं भारी व्यापार घाटा ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता।"
इससे पहले आईएमएफ के प्रबंध निदेशक डोमिनिक स्ट्रॉस कान ने भी कहा था कि वैश्विक वित्तीय संस्थानों को वैश्विक मुद्रा नीति पर एक राय कायम करने के लिए व्यवस्थित कदम उठाने की जरूरत है।
मुखर्जी ने वित्तीय नियामकों में सुधार के लिए वैश्विक नेताओं के बीच ज्यादा से ज्यादा सहयोग की आशा जताई। उन्होंने रूकी हुई दोहा दौर की व्यापार वार्ता को भी शीघ्र अंजाम तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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