प्रतिभा हत्याकांड : कैब चालक को आजीवन कारावास (लीड-1)
11 वीं त्वरित अदालत में न्यायाधीश बी. वी. गुडली ने दोषी को भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत सजा सुनाई।
इसके अलावा न्यायाधीश ने दोषी को प्रतिभा से दुष्कर्म के जुर्म में धारा 376 के तहत 20,000 रुपये के जुर्माने के साथ 20 साल के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई। इसके अलावा प्रतिभा के अपहरण के जुर्म में कुमार को आईपीसी की धारा 366 के तहत 10 हजार रुपये के जुर्माने और 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
शिवकुमार को बुधवार को दोषी करार दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में फांसी की सजा की मांग की थी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में 13 दिसंबर की रात 28 वर्षीया प्रतिभा देर रात की पारी में काम के लिए अपने घर से दफ्तर के लिए निकली थीं। शहर के मध्य से 30 किलोमीटर दूर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के एचपी कार्यालय पहुंचने से पहले यह घटना हुई थी।
प्रतिभा का शव दक्षिण बेंगलुरू के बाहरी इलाके से बरामद किया गया था।
कुमार ने पहले इस मामले में अपना अपराध कबूल कर लिया था लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया था। इस मामले में 71 गवाह पेश किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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