सोहराबुद्दीन मामला: अमीन की याचिका सीबीआई अदालत में स्थानांतरित
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जयंत पटेल और न्यायमूर्ति एच. बी. अंतानी ने कहा कि क्षमादान देने और एन. के अमीन का बयान दर्ज करने में सह-आरोपियों की कोई भूमिका नहीं है। उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया है कि सुनवाई जारी रखें लेकिन क्षमादान देने के मामले में दो सप्ताह तक कोई आदेश जारी न करें।
निलंबित पुलिस अधीक्षक अमीन ने सीबीआई की अदालत मे याचिका दायर करके न्यायाधीश ए. वाई. दवे से क्षमादान और सरकारी गवाह बनने की अनुमति देने की मांग की थी।
सीबीआई अदालत ने अमीन के सरकारी गवाह बनने की संवैधानिक वैधता पर फैसला लेने के लिए इस मामले को उच्च न्यायालय में भेज दिया था।
उच्च न्यायालय ने 7 अक्टूबर तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रखा था।
सीबीआई ने अमीन के सरकारी गवाह बनने पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
निलंबित पुलिस अधिकारी डी. जी. बंजारा, राजकुमार पांडियन और दिनेश एम. एन सहित सभी आठ सह आरोपियों ने अमीन के सरकारी गवाह बनने पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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