2012 तक विकास दर दोहरे अंक में लाने का लक्ष्य: मुखर्जी
इंडिया इन्वेस्टमेंट फोरम की 7वीं बैठक के दौरान बुधवार को मुखर्जी ने कहा, "हमारी चुनौती जीडीपी विकास दर को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की है और हम अगले सालों में विकास दर को दोहरे अंकों में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।"
वर्ष 2010-11 की पहली तिमाही में देश की विकास दर 8.8 प्रतिशत रही है। सरकार का अनुमान है कि इस साल विकास दर 8.5 प्रतिशत रहेगी।
मुखर्जी ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था में सुधारों और समेकित विकास प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "हम आर्थिक तंत्र, संरचना और विभिन्न संस्थाओं की खामियां दूर कर रहे हैं। सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर भी सरकार का जोर है।"
वित्तीय क्षेत्र के सुधारों के संबंध में मुखर्जी ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र के कानूनों में सुधार और नई जरूरतों के अनुरूप इनमें बदलाव के लिए वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च स्तरीय वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की स्थापना का निर्णय लिया है इसके जरिए देश में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र की स्थापना की जाएगी।
मुखर्जी ने कहा, "नियामकों की स्वायत्ता से कोई समझौता किए बिना यह परिषद अर्थव्यवस्था के सूक्ष्म संकेतकों की निगरानी करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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