उमर सरकार शीतकालीन राजधानी जम्मू जाएगी
सरकार की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि राज्य के तत्कालीन डोगरा राजा द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को जारी रखते हुए राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सरकारी कार्यालयों को 29 अक्टूबर को बंद करने के बाद इन्हें शीतकालीन राजधानी जम्मू में आठ नवंबर से खोला जाएगा।
इस परंपरा का अनुसरण करते हुए राज्य को अपनी राजधानी छह महीने के अंतराल पर दो शहरों में बदलनी पड़ती है। इस दौरान सरकार का सचिवालय और विभागों के सभी महत्वपूर्ण कार्यालय भी स्थानांतरित होते हैं।
इस पहल के तहत मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सहयोगियों का कार्यालय और सभी वरिष्ठ नौकरशाह छह महीने राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और छह महीने शीतकालीन राजधानी जम्मू में कामकाज करते हैं।
उधर, कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस की सहयोगी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर दबाव डाला है कि राज्य में जारी हिंसा के खात्मे तक वह श्रीनगर को ही राजधानी बनाए रखें।
राज्य में पिछले 11 जून से हो रहे प्रदर्शन में अब तक 109 लोगों की जान जा चुकी है।
मीडिया की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर एक नौकरशाह से कहा, "सचिवालय जम्मू या श्रीनगर कहीं भी स्थित हो, मुख्यमंत्री प्रत्येक जगह उपस्थित हो जाएंगे। मैं राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इस संबंध में मुख्यमंत्री पर किसी तरह का दबाव है, इसकी मैं पुष्टि नहीं कर सकता।"
उधर, नेशनल कांफ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता के बयान को उनके व्यक्तिगत राय के रूप में लेना चाहिए, उनका बयान किसी भी रूप में सत्तारूढ़ सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी के रुख को प्रदर्शित नहीं करता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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