बिहार चुनाव:प्रमुख राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र जारी नहीं
सभी प्रमुख दलों में हालांकि घोषणा पत्र समिति बनी हुई है। कांग्रेस ने अनुभवी नेता एवं पूर्व मंत्री ललितेश्वर प्रसाद शाही की अध्यक्षता में एक चुनाव घोषणा पत्र समिति बना रखी है परंतु पार्टी अब तक अपना घोषणा पत्र जारी नहीं कर सकी है।
इस विषय में जब कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनावी एजेंडा तय कर लिया है। सरकार बनने के बाद सरकार की प्राथमिकताएं तय करने के लिए इसे मंजूरी के लिए दिल्ली भेजा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार शुरू होने के पहले ही घोषणा पत्र जारी कर दिया जायेगा।
इधर, साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे सतारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अलग-अलग घोषणा पत्र जारी करेंगे। जद (युनाइटेड) राज्यसभा के सदस्य शिवानंद तिवारी के नेतृत्व में घोषणा पत्र समिति गठित कर चुकी है। इस समिति की कई बैठकें भी हो गई हैं परंतु घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका है। भाजपा भी अपना घोषणा पत्र अब तक जारी नहीं कर पाई है। हालांकि भाजपा के नेता कहते हैं कि जल्द ही घोषणा पत्र जारी कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) एक ही घोषणा पत्र को लेकर चुनाव मैदान में जाने की घोषणा कर चुकी हैं लेकिन अब तक घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका है। हालांकि राजद के सांसद रामकृपाल यादव कहते हैं कि जल्द ही घोषणा पत्र जारी कर दिया जायेगा। इस पर अंतिम कार्य चल रहा है।
सूत्रों का कहना है कि सभी दल टिकट बंटवारे को लेकर व्यस्त रहने और एक-दूसरे का घोषणा पत्र पहले जारी होने का इंतजार करने के कारण घोषणा पत्र जारी नहीं कर पाए हैं। सूत्रों का मानना है कि अन्य पार्टियों का एजेंडे पता चलने से दलों को एजेंडा तय करना आसान होगा।
राजनीतिक विश्लेषक बिना घोषणा पत्र जारी किये चुनाव में जाने को सही नहीं मानते। उनका मानना है कि यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। आखिर मतदाता बिना एजेंडे के किस पार्टी का चुनाव करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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