राष्ट्रमंडल खेल : 'हमारे साथ पशुओं जैसा व्यवहार हुआ'
दल के प्रमुख स्टीवन मोनेघेटी ने आयोजनकर्ताओं की आलोचना करते हुए कहा, "मैं वहां समारोह आयोजित करने के तरीके से बहुत, बहुत निराश था, वहां खिलाड़ियों के हितों की उपेक्षा की गई।"
"इसलिए खिलाड़ियों का आयोजनकर्ताओं पर विश्वास नहीं रहा।"
आस्ट्रेलियाई समाचार एजेंसी 'एएपी' के मुताबिक मोनेघेटी ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, "अगले किसी भी उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने वाले आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर इसका असर पड़ेगा।"
आस्ट्रेलियाई दल रविवार को शाम साढ़े चार बजे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचा था और उन्हें वहां वार्म अप ट्रेक पर इंतजार करना पड़ा।
अधिकारी ने कहा कि उन्हें खाने और पीने के लिए कुछ चीजें दी गईं और फिर 6 बजकर 25 मिनट पर स्टेडियम के नीचे एक सुरंग जैसी जगह में भेज दिया गया। वहां उन्हें 7 बजकर 25 मिनट पर समारोह की आधिकारिक शुरुआत होने तक रहना पड़ा।
"यह जगह कड़ाही जैसी गर्म थी, खासकर उन्होंने जहां हमें रखा वह जगह बेहद, बेहद गर्म थी।"
"वह जगह बहुत गर्म थी हमें 50 मीटर अंदर तक धकेल दिया गया जो कि और भी ज्यादा गर्म जगह थी।"
आयोजन स्थल के कर्मचारियों ने हमें वहां रुकने के लिए कहा लेकिन खिलाड़ियों ने उनका आदेश नहीं माना उन्होंने विरोध किया और करीब 50 मीटर तक और आगे बढ़े, इस जगह पर एयर कंडीशनरों से वापस निकलने वाली गर्म हवा आ रही थी इसलिए यह बेहद गर्म जगह थी।
"यहां करीब 40 डिग्री तापमान था, हमारे साथ पशुओं की तरह व्यवहार हुआ। यह शर्मनाक था।"
स्थानीय समाचार पत्र 'द एज' के मुताबिक आस्ट्रेलिया इससे पहले के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजक होने के नाते मैदान पर सबसे पहले प्रवेश करने वाली टीम थी। इसका मतलब है कि इस सुरंग में आस्ट्रलियाई टीम को सबसे ज्यादा समय तक रुकना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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