तालिबान ने तीन मजदूरों को किया रिहा
इन तीन मजदूरों की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने बदला लेने के मकसद से आतंकियों के रिश्तेदारों और समर्थकों को बंदी बना लिया था। उनके इस कदम से घबराकर आतंकवादियों को तीन मजदूरों को रिहा करना पड़ा।
पाकिस्तानी तालिबान ने एक महीने पहले चितरल के बामबुरेत घाटी से छह मजदूरों को अपहरण कर लिया था। ये मजदूर अप्पर धीर के धोग दर्रा क्षेत्र के थे।
अपहरण के कुछ दिनों बाद तीन मजदूरों के शव चितरल के अरांदु क्षेत्र में पाए गए थे। उनकी गला रेतकर हत्या की गई थी।
समाचार पत्र द न्यूज इंटरनेशनल ने मालकंद के तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि मारे गए तीनों मजदूर सरकार समर्थक लश्कर का हिस्सा थे। इस लश्कर ने अप्पर धीर के धोग दर्रा में पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ कार्रवाई की थी।
चितरल के जिला समन्वयक अधिकारी रहमतुल्लाह वजीर ने बताया कि तालिबान से वार्ता के बाद मजदूरों को बिना शर्त मुक्त कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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