बिहार चुनाव : नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार (राउंडअप)
विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को कुल 72 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन का पर्चा दाखिल किया। राज्य निर्वाचन विभाग के मुताबिक प्रथम चरण के लिए जहां 51 लोगों ने अपने नामांकन भरा, वहीं दूसरे चरण के चुनाव के लिए 21 लोगों ने पर्चा दाखिल किया।
इस बीच राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशियों की सूची जारी करने का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने 58 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। पटना में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी ने सभी वर्गो एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही शेष अन्य सीटों के लिए भी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी।
लोजपा ने बोधगया से एक बार फिर कुमार सर्वजीत को प्रत्याशी बनाया है। अररिया से जाकिर हुसैन, हरनौत से अरुण सिंह, आरा से विजय सिंह तथा वैशाली से संजय मिश्र को प्रत्याशी बनाया गया है।
लोजपा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मिलकर राज्य के सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। लोजपा के हिस्से 75 सीट आई हैं, जबकि राजद ने 168 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है।
अब तक प्रमुख दलों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 218, कांग्रेस ने 123 तथा राजद ने 65 प्रत्याशियों की घोषणा की है।
इधर, प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही लगभग सभी राजनीति दलों को कार्यकर्ताओं के बगावती तेवर का सामना करना पड़ रहा है। जनता दल (युनाइटेड) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अबू तालीब रहमानी ने जद (यु) के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट बंटवारे में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अब तक जितने सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा हुई है, उससे लग रहा है कि पार्टी अल्पसंख्यकों को तरजीह नहीं दे रही है, केवल उनका उपयोग कर रही है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यालय में बेगूसराय और बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के नाराज कार्यकर्ताओं ने जमकर तोडफोड़ की तथा प्रदेश अध्यक्ष सी़ पी़ ठाकुर और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। बेगूसराय के कार्यकर्ता जहां विधायक कृष्ण सिंह का टिकट कटने से नाराज थे, वहीं बछवाड़ा से कुंदन सिंह को टिकट दिए जाने से खफा थे।
इसी तरह कांग्रेस द्वारा प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम के समक्ष शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकर्ता टिकट बंटवारे में धांधली का आरोप लगाते हुए धरना पर बैठ गए।
धरना पर बैठे समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर विधानसभा के पूर्व विधायक चंद्रबली ठाकुर ने बताया कि बीस वर्षो के बाद कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ रही है, फिर भी टिकट स्क्रिीनिंग कमेटी में शामिल लोगों ने समस्तीपुर जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए ऐसे प्रत्याशियों का चयन किया है, जिनकी हार तय है।
उन्होंने कहा कि जब तक समस्तीपुर जिले में टिकट के लिए पुनर्विचार नहीं किया जाएगा, तब तक वह यहीं बैठकर कांग्रेस का प्रचार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 243 सीटों पर छह चरणों के तहत 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चुनाव होने हैं। मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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