चूहों के लिए खोजी गयी 'गर्भनिरोधक गोली'
काठमांडू। 'चूहे' नेपाल की बहुत बड़ी समस्या हैं क्योंकि वे यहां की फसल का बहुत बड़ा हिस्सा खा जाते हैं। लेकिन अब नेपाल के वैज्ञानिकों ने इसका हल खोज लिया है। 'नेपाल एग्रीकल्चरल सोसायटी' (एनएआरसी) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी गोली इजाद की है जो चूहों को बांझ बना देगी और वे अपनी आबादी नहीं बढ़ा सकेंगे। इस शोध में पूरे तीन साल का समय लगा।
"
उन्होंने कहा, "हमने सीताफल के बीजों के पाउडर से एक गोली बनाई है। यदि एक चूहा सात दिन तक इन गोलियों को खाता है तो वह प्रजनन के अयोग्य हो जाएगा।" एनएआरसी ने यह शोध तब शुरू किया जब यहां के अधिकारियों ने बंदरों पर किए गए एक प्रयोग से संबंधित लेख पढ़ा। बंदरों को नीम की पत्तियों से निकलने वाले तरल पदार्थ युक्त भोजन दिया गया था जो उन्हें बांझ बनाता था।
नेपाल ऐसा पहला देश है जिसने सीताफल के बीजों से यह दवा बनाई है। इस दवा को बनाने के लिए सीताफल के बीजों के 20 ग्राम पाउडर, गेहूं के आटे, चना व मूंगफली पाउडर और दूध का इस्तेमाल किया गया है। इस गोली के प्रयोग के लिए दो अलग-अलग पिंजरों में से एक में चार मादा और दूसरे में चार नर चूहे रखे गए थे। उन्हें सात दिन तक यह गोली दिए जाने के बाद बाहरी चूहों के साथ प्रजनन कराने की कोशिश की गई लेकिन ऐसा नहीं हो सका। नेपाल में चूहों की 45 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से पांच प्रजातियों के चूहे फसलों को बुरी तरह नष्ट कर देते हैं।












Click it and Unblock the Notifications