बिहार में 340 उम्मीदवारों में 80 दागी
'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म' (एडीआर) और इलेक्शन वॉच द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अब तक जारी प्रत्याशियों की सूची में 80 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके विरूद्घ मामले लंबित हैं।
बिहार इलेक्शन वॉच के पदाधिकारी (कन्वेनर) कुमार अंजेश ने शनिवार को बताया कि अपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को प्रत्याशी बनाये जाने में सबसे आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा अब तक जारी किए 87 लोगों के प्रत्याशियों की सूची में 41 ऐसे उम्मीदवार हैं जिन पर अपराधिक मामले लंबित हैं।
भाजपा की सहयोगी एवं सतारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) ने अपनी पहली सूची में 73 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं जिनमें 17 के विरूद्घ मामले लंबित हैं। पिछले चुनाव में भी इस सूची में भाजपा नंबर एक पर थी। इधर, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) द्वारा जारी किए गए 38 लोगों की सूची में आठ ऐसे लोग हैं जिन पर अपराधिक मामले लंबित हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गंठबंधन और लोजपा एक दूसरे के विरोध में चुनाव लड़ रही है परंतु इस मामले में साथ-साथ नजर आती है। जद (यु) के महासचिव श्याम रजक का कहना है कि जब तक न्यायालय किसी को दोषी नहीं ठहराती है तब तक उसे दोषी नहीं करार दिया जा सकता।
यही कुछ लोजपा नेता सूरजभान भी मानते हैं। उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि पत्रकारों द्वारा ही नेताओं को बाहुबली नाम दे दिया जाता है। वह यह भी कहते हैं कि टिकट देने या नहीं देने का प्रश्न है तो यह जनता को तय करना है कि वह किसे विधानसभा तक भेजते हैं।
कुमार अंजेश के मुताबिक इस चुनाव में लोजपा की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा अब तक जारी 65 प्रत्याषियों की सूची में नौ जबकि पछले चुनाव में राजद की सहयोगी पार्टी कांग्रेस द्वारा जारी किये गये 77 उम्मीदवारों की सूची में पांच प्रत्याशियों पर अपराधिक मामले लंबित हैं।
कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्र का दावा है कि कांग्रेस ने किसी दागी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है और आगे भी यही क्रम जारी रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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