बाढ़: पश्चिमी यूपी में सुधरे हालात, आगरा में खतरा बरकरार
बिजनौर, अमरोहा, कांशीरामनगर, मुजफ्फरनगर, बरेली, रामपुर, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर जिलों के प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी कम होने से स्थिति में पहले से सुधार हुआ है।
मगर फरुखाबाद, शाहजहांपुर और बदायूं जिलों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहां सेना को राहत कार्य में लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है नदियों का जलस्तर घटने से हालात में सुधार हुआ है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है।
आगरा में मंगलवार को भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना रहा इसलिए यहां बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यमुना का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से चार फुट ऊपर 499 फुट तक पहुंच गया है।
उधर, घाघरा और शारदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जिले पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश के बाढ प्रभावित कुल 32 जिलों में अब तक बाढ़ और वर्षा से जुड़े हादसों में 90 मौतें हुई हैं।
20 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए और करीब 10 लाख हेक्टेयर फसल चौपट हुई है। एक तरफ जहां बाढ़ की वजह से खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है वहीं जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।













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