आडवाणी ने मंदिर बनाने की मांग दोहराई

सुशीला सिंह
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर से दोहराया है कि अयोध्या में एक भव्य मंदिर का निर्माण हो.
शनिवार को अपनी सोमनाथ यात्रा की बीसवीं सालगिरह पर बोलते हुए आडवाणी ने कहा, "इस देश के सब चिंतको की, सब लोगो की ये चाह रही है कि जिसको हम भगवान राम की जन्मस्थली मानते है वंहा पर एक भव्य मंदिर क्यों न बने. सुप्रीम कोर्ट ने अगर निर्णय लिया है कि पाँच दिन तक फ़ैसला टाल दिया जाए तो हम उसका आदर करते है. मैं उसको ऐसा निर्णय मानता हुं जो मेरी समझ में नहीं आता."
उल्लेखनीय है कि 20 वर्ष पहले 1990 में 25 सितंबर को ही आडवाणी ने सोमनाथ से रथयात्रा शुरु की थी और हर वर्ष उसकी सालगिरह पर सोमनाथ जाते रहे हैं.
सोमनाथ से चली आडवाणी की रथयात्रा बिहार में रोक दी गई थी लेकिन इस यात्रा के बाद देश में सांप्रदायिक भावनाएँ भड़की थी.
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के विवादित स्थल के मालिकाना हक़ को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के 24 सितंबर को सुनाए जाने वाले फ़ैसले को टाल दिया था और उससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई 28 सितंबर को होगी.
आडवाणी के साथ पूर्व बीजेपी नेता उमा भारती भी सोमनाथ पहुँची थी.
वापसी की संभावना
बीजेपी की रणनीति के बारे में वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कौशल कहते हैं, "बीजेपी का कोई भी नेता रामजन्मभूमि के विषय पर राममंदिर के पक्ष में नहीं बोलेगा तो क्या बोलेगा. ये तो उनका डीएनए हैं. तो अपने डीएनए के अनुरुप वो बोल रहे हैं. इसमें ध्यान देने की बात ये है कि इसमें धार्मिक उन्माद की कोशिश नहीं है, कहीं भी लोगो को भड़काने का प्रयास नहीं हो रहा हैं. उग्र भाषण से ये लोग बच रहे हैं."
शनिवार को उमा भारती का भी आडवाणी के साथ सोमनाथ पहुंचना उनकी पार्टी में वापसी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा हैं
समझा जा रहा है कि जिस तरह आडवाणी ने जंसवत सिंह की पार्टी में वापसी करवाई थी उसी तरह से वो उदारता का परिचय देते हुए उमा को पार्टी में दोबारा शामिल करना चाहते है.
उमा भारती ने आडवाणी की आलोचना की थी जिसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. हालांकि मध्यप्रदेश में कई नेता उनकी वापसी का विरोध कर रहे हैं.












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