उच्चतर शिक्षा में 30 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य : पाटील
मिजोरम विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में पाटील ने कहा, "हमारे देश में उच्चतर शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2020 तक उच्चतर शिक्षा में कुल नामांकन का अनुपात 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का हमारा लक्ष्य है। इसका अर्थ है, मौजूदा संख्या 1.4 करोड़ को तीन गुना बढ़ाकर 4 करोड़ तक ले जाना होगा।"
उन्होंने कहा, "हमारे देश के वर्तमान तथा नए खुलने वाले विश्वविद्यालयों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे इस लक्ष्य को हासिल करें।"
राष्ट्रपति ने कहा, "मिजोरम विश्वविद्यालय स्थानीय समुदाय के छात्रों के लिए फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन एवं औषधीय पौधे लगाने जैसे अल्प अवधि के पाठ्यक्रम शुरू कर सकता है, जिसमें छात्र भी भाग ले सकेंगे।"
उन्होंने कहा, "बांस के फूल तथा 'झूम' (तिर्यक एवं ज्वलन पद्धति) की खेती, जिसमें राज्य पीछे हो गया है, का वैज्ञानिक आधार पर गहरा अध्ययन आवश्यक है।"
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1959 में 'मौतम' (स्थानीय भाषा में सूखा पड़ना) के कारण पर्वतीय पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में बांस के फूल की खेती दुर्लभ हो गई। बाद में चूहा और गिलहरी जैसे जानवरों की संख्या बढ़ने से अन्न भंडार खाली होने लगे और धान के खेत बर्बाद होने लगे।
वर्ष 1959 में सूखा पड़ने पर विद्रोही संगठन मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) का उदय हुआ, जो बाद में क्षेत्रीय मुख्यधारा के राजनीतिक दल में तब्दील हो गया।
राष्ट्रपति ने मिजोरम विश्वविद्यालय के रैगिंग से मुक्त रहने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आगे भी यहां ऐसी घटना नहीं होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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