तिवारी पितृत्व मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा
न्यायाधीश विक्रमजीत सेन और न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने दोनों पक्षकारों तिवारी और रोहित शेखर के वकीलों की जिरह सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। रोहित का दावा है कि तिवारी उनके पिता हैं।
गौरतलब है कि 13 अगस्त को अदालत ने पितृत्व के मुकदमे से कुछ अंश हटाने की तिवारी की याचिका खारिज कर दी थी और उनके इस कदम को मामले में देरी करने वाला बताया था।
उच्च न्यायालय ने इससे पहले तिवारी की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि रोहित शेखर ने अपने जन्म के 31 साल बाद यह याचिका उनकी छवि को धूमिल करने के लिए दायर की है।
इंडो-एशिया न्यूज सर्विस।












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