वीरभद्र सिंह की याचिका पर सुनवाई टली
उच्च न्यायालय में शुक्रवार को इस मामले पर चार घंटे से अधिक बहस हुई। वीरभद्र सिंह के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे तौर पर फंसाया गया है।
बहस हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कुरियन जोसफ तथा न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ के समक्ष हुई।
वीरभद्र सिंह के वकील आर.एस. चीमा ने कहा कि यह मामला एक ऑडियो सीडी के आधार पर दर्ज किया गया, जिसका स्रोत एवं प्रामाणिकता ज्ञात नहीं है।
उन्होंने कहा, "सीडी की रिकार्डिग में कुछ बातचीत डाली गई है और ऐसा 'कट एंड पेस्ट' तकनीक से किया जाता है।"
सरकारी वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के विरुद्ध जांच पूरी कर ली है। ऐसे में मामला सीबीआई को स्थानांतरित करने की कोई जरूरत ही नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications