यमुना के जलस्तर में वृद्धि से आगरा में बाढ़ की स्थिति गंभीर
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 495 फुट से दो मीटर ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार को जलस्तर 496.2 फुट तक पहुंच गया था। गोकुल और ओखला बैराज से गुरुवार को और अधिक पानी छोड़ा गया जिससे जलस्तर 499 फुट तक पहुंच जाने की संभावना है।
यमुना नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में प्रवेश कर गया है। दर्जन भर नालों का पानी इलाको में फैल रहा है जिससे गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
आगरा वाटर वर्क्स विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यदि जलस्तर 500 फुट तक पहुंता है तो शहर की जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।"
वृंदाबन की आचार्य जैमिनी ने बताया कि मथुरा और वृंदाबन में यमुना नदी का पानी पहले ही निचले इलाकों में प्रवेश कर गया है। गोवर्धन क्षेत्र पहले ही डूब गया है और वहां से पानी उतरने में कई सप्ताह लगेंगे।
आगरा में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सैकड़ों लोग अपना घर छोड़कर चले गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुताबिक ताजमहल को कोई खतरा नहीं है और फिलहाल वह पूरी तरह से सुरक्षित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications