बिहार चुनाव में नक्सली भी आजमा सकते हैं भाग्य!

प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने यूं तो अपनी पुरानी रणनीति के तहत चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है परंतु कई कुख्यात नक्सली नेता चुनाव में उतरने की तैयारी भी कर रहे हैं।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में नक्सली संगठन के कई बड़े नेता भाग्य आजमा सकते हैं। सूत्रों का मानना है कि कई ऐसे नक्सली नेता भी इस चुनावी समर में उतर सकते हैं जिनकी गिरफ्तारी को लेकर सरकार ने इनाम घोषित कर रखा है या फिर वे जेल में बंद हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई नक्सली नेता चुनाव में भाग ले चुके हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण झारखण्ड की पलामू लोकसभा सीट है। यहां से नक्सली नेता कामेश्वर बैठा न केवल चुनाव मैदान में उतरा बल्कि जीत भी गया। सांसद बनने के बाद कामेश्वर अभी तक जेल में बंद है।

इसके अलावा झाखण्ड में वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर नक्सली नेता पौलुस सुरीन भी तोरपा विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए हालांकि वे अभी तक खूंटी जेल में ही बंद हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में ही झारखण्ड के विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से नक्सली नेता युगल पाल, डाल्टनगंज सीट से नक्सली रहे सतीश कुमार, पांकी से नक्सली नेता रंजन यादव तथा चतरा से वीर भगत चुनाव मैदान में भाग्य आजमा चुके हैं। ये सभी हालांकि चुनाव हार गए थे।

बिहार में सक्रिय नक्सलियों ने लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ने का काम किया है। कुख्यात नक्सली रामाधार सिंह ने वर्ष 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में गुरूआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+