आलू की खेती ने चीन में लाई खुशहाली
गान्सू राज्य के डिंग्झी में आलू की खेती करने वाली चेन चुनलान अपने नए घर में आरामदायक जीवन बीता रही हैं। उनका कहना है कि आलू की खेती ने उनका जीवन बदल दिया है। इससे उनकी सालाना आय 10,400 डॉलर हो गई है।
चेन ने समाचार पत्र 'चाइना डेली' को बताया, "पहले हम गेहूं की खेती करते थे, लेकिन पैदावार कम होने से परिवार का पेट मुश्किल से भरता था। एक समय ऐसा था जब किसान अपने भोजन के लिए चिंतित रहते थे।"
चेन को वर्ष 2001 में अत्यंत गरीबी के चलते डिंग्झी को छोड़कर किसी अन्य जगह पर अपनी आजीविका की तलाश करनी पड़ी। ठंडे और शुष्क जलवायु के कारण कृषि उपज कम होने से डिंग्झी को चीन के सबसे गरीब क्षेत्रों में शामिल किया गया।
वर्ष 1995 में डिंग्झी में पड़े भयंकर सूखे ने यहां कि खेतों को करीब-करीब बंजर बना दिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने कड़ी मेहनत और आलू की खेती से इस आपदा पर विजय पाई।
राज्य के आलू विशेषज्ञ वांग यिहांग ने बताया, " आलू को सूखे का प्रतिरोधी माना जाता है। यह डिंग्झी की कृषि दशाओं में आसानी से उगाया जा सकता है।"
इस क्षेत्र में आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए डिंग्झी सरकार ने वर्ष 1996 'आलू योजना' की शुरुआत की थी।
वर्तमान में डिंग्झी चीन के किसी अन्य शहर की तुलना में सर्वाधिक आलू का उत्पादन करता है। यहां दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की जाती है।
डिंग्झी शहर के सचिव यांग जिंग्झिंग ने बताया कि चीन के बाजारों में ट्रेनों के माध्यम से आलू की आपूर्ति होती है। इसके अलावा न बेचे जाने योग्य आलू का इस्तेमाल कलफ और दूसरी खाद्य सामग्री बनाने में किया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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