बंटा था प्रतिनिधिमंडल, कांग्रेस की मनमर्जी : सुषमा स्वराज
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कश्मीर मसले पर सरकार के रुख की आलोचना की। वो बेहद गुस्से में नजर आ रही थीं। बीजेपी ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नाम पर कुछ नेताओं की अलगाववादियों से बातचीत पर विरोध जताया। अलगाववादी नेताओं से बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल की आलोचना करते हुए स्वराज ने कहा, ''बातचीत का फैसला सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का फैसला नहीं था, अगर कुछ लोग जाना चाहते हैं तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं।'' कांग्रेस मनमर्जी की मालिक है , कहती कुछ है करती कुछ है।
बीजेपी का आरोप है कि दल के कुछ सदस्यों ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की राय नहीं सुनी। सोमवार को 42 नेता घाटी पहुंचे, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल तीन दलों में बंट गया। एक की अगुवाई केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने की, दूसरे की वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने और तीसरे प्रतिनिधि मंडल में बीजेपी के नेता थे। चिदंबरम की अगुवाई वाले नेताओं ने भारत समर्थक नेताओं से मुलाकात की। वहीं अन्य वामपंथी और तीसरे मोर्चे के नेताओं ने अलगाववादी धड़े से बातचीत की । सुषमा स्वराज प्रतिनिधि मंडल में शामिल नेताओं की मनमर्जी से भी नाराज हैं.













Click it and Unblock the Notifications