फैसला हक में नहीं हुआ तो कानूनी जंग जारी रहेगी : कटियार
नई दिल्ली, 19 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विनय कटियार ने कहा कि यदि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का 24 सितम्बर का फैसला पक्ष में नहीं आया तो हिंदू समुदाय अयोध्या विवाद को सर्वोच्च न्यायालय ले जाएगा।
कटियार हालांकि अभी भी महसूस करते हैं कि हिंदुओं के आराध्य, भगवान राम के जन्मस्थान का विवाद अदालतों में नहीं जाना चाहिए था।
कटियार ने आईएएनएस से कहा, "यह आस्था से जुड़ा एक मामला है और यदि कानूनी फैसला पक्ष में नहीं आया तो राम भक्त इस मामले में संसद का हस्तक्षेप चाहेंगे।"
ज्ञात हो कि बजरंग दल के संस्थापक सदस्य कटियार ने दिसंबर 1992 में अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद को ढहाने के लिए चलाए गए अभियान में प्रमुख भूमिका निभाई थी। कटियार ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ का फैसला सभी पक्षों को स्वीकार्य होगा।
उन्होंने कहा कि जो पक्ष पराजित होगा, उसके लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का विकल्प होगा।
कटियार ने कहा, "फैसला क्या आता है, इसे लेकर एक दुविधा की स्थिति बनी हुई है। इस तरह के स्थानों से संबंधित मामलों को अदालत में नहीं जाना चाहिए था। लेकिन यदि मामला अदालत में पहुंच ही गया है, तो फैसला सभी को मान्य होगा। जो पक्ष हारता है, वह सर्वोच्च न्यायालय जा सकता है।"
कटियार ने कहा कि भगवान राम के जन्मस्थान से जुड़ा मुद्दा हिंदू समुदाय की भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "मान लीजिए यदि हिंदू समुदाय सर्वोच्च न्यायालय में भी हार जाता है तो रामभक्त सरकार को इस बात के लिए मजबूर करेंगे कि अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए वह कानून बनाए।" इसके साथ ही कटियार ने लोगों से शांति और सौहाद्र्र बनाए रखने की अपील की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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