'फर्जी मुठभेड़ में अफगान नागरिकों की हत्या'
समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' ने खुलासा करते हुए सेना के दस्तावेजों के हवाले से बताया कि पांचवें स्ट्राइकर कॉम्बैट ब्रिगेड में सेकेंड इन्फैंट्री डिवीजन के एक दस्ते के सदस्यों पर शवों की तस्वीरों और हड्डियों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है।
सेना के दस्तावेजों के अनुसार अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में जनवरी और मई के दौरान इस इकाई के पांच सदस्यों ने मिलकर तीन हत्याएं की हैं।
गिरोह के सदस्यों ने एक जवान पर हमला करके जांच को भी प्रभावित करने का प्रयास किया।
दस्तावेज के अनुसार अफगानिस्तान के ला मोहम्मद कलाय गांव में 15 जनवरी को मुठभेड़ का नाम देकर एक अफगान नागरिक की हत्या कर दी गई थी और खुली गोलीबारी का आदेश दिया गया था।
अखबार ने लिखा है कि अफगानिस्तान में वर्ष 2001 में अमेरिकी सैनिकों ने महीनों तक नागरिकों पर बेवजह गोलीबारी की थी जिसकी वजह से उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगे थे।
यह भी आरोप लगाया गया है कि सेना उस चेतावनी की अनदेखी करती है, जिसमें कहा गया था कि कुछ जवान अत्याचार कर रहे हैं।
इस मामले में अधिकारियों ने कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना के दस्तावेज और जांच में शामिल अधिकारियों ने साक्षात्कार में कहा है कि जवानों ने गांजे और शराब के नशे में फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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