एमक्यूएम नेता की हत्या से कराची में अफरा-तफरी
लंदन के मिल हिल क्षेत्र में शाम को इमरान टहलने के बाद घर लौट रहे थे तभी उनके घर के प्रवेश द्वार के समीप उन पर हमला हो गया।
मीडिया की रपटों में कहा गया है कि हमले में चाकुओं का इस्तेमाल किया गया और सिर पर लगी चोट इमरान के लिए जानलेवा साबित हुई। स्कॉटलैंड यार्ड और लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने एमक्यूएम नेता की मौत की पुष्टि की है।
इमरान की मौत की खबर फैलते ही कराची में अमूमन रात भर खुली रहने वालीं दुकानें और पेट्रोल पंप बंद हो गए। गुस्साई भीड़ ने दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। शहर के कई भागों में कोई भी वाहन दिखाई ही नहीं दिया।
एमक्यूएम के नेता इमरान के घर पर उनके माता-पिता को सांत्वना देने के लिए एकत्र हो गए। एमक्यूएम के खिलाफ पाकिस्तानी सेना द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने पर इमरान 1992 में लंदन चले गए थे।
वह एमक्यूएम के संयोजक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इमरान को एमक्यूएम के प्रमुख अल्ताफ हुसैन का दाहिना हाथ माना जाता था।
हुसैन का गुरुवार को जन्मदिन था। इस मौके पर इमरान टेलीफोन के जरिए पाकिस्तान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले थे।
एमक्यूएम के उपसंयोजक फारूख सत्तार ने कहा कि उनकी मौत पार्टी के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने 10 दिनों के शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस दौरान पार्टी की सभी गतिविधियां स्थगित रहेंगी। हुसैन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में होने वाले समारोह भी रद्द कर दिए गए।
उधर, हुसैन ने लंदन से कहा, "मैंने अपना एक खास दोस्त और भरोसेमंद साथी खो दिया है। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।"
पाकिस्तान के कराची और सिंध राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों में एमक्यूएम की स्थिति काफी मजबूत मानी जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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