छापे में अरबों रुपये मिलेंगे मप्र के मंत्रियों के घरों में : दिग्विजय (लीड-1)
जबलपुर में रविवार को संवाददाता सम्मेलन में दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में मंत्रियों, अधिकारियों और सप्लायरों का गठजोड़ बन गया है। यही कारण है कि अफसरों के घरों पर छापे में करोड़ों रुपये मिले हैं। अगर मंत्रियों के घरों पर छापे पड़े तो अरबों रुपये मिलेंगे।
उन्होंने अयोध्या मसले पर आने वाले फैसले को लेकर हिंदूवादी संगठनों पर हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठनों द्वारा झूठी अफवाह फैलाई जा रही है और लोगों को एसएमएस किए जा रहे हैं, ताकि मध्य प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ा जा सके।
दिग्विजय ने कहा, "हिंदूवादी संगठनों में हताशा बढ़ गई है, क्योंकि उनकी नीति को जनता जान गई है, इसीलिए वे झूठी अफवाहों का सहारा ले रहे हैं।"
उन्होंने अभी हाल में रतलाम और राजगढ़ की सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश का सांप्रदयिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। रतलाम में तो प्रदेश के गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता के इशारे पर निर्दोषों को फंसाया गया है।
दिग्विजय ने प्रदेशवासियों से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आने वाले फैसले पर शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे किसी अफवाह में न पड़ें और हिंदूवादी संगठनों की साजिश को सफल न होने दें।
भारतीय जनता पार्टी पर एक बार फिर नक्सलियों से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए दिग्विजय ने सवाल किया, "क्या वजह है कि जिन इलाकों में नक्सली मतदान के बहिष्कार की घोषणा करते हैं, वहां भाजपा के पक्ष में भारी मतदान होता है?"
बस्तर में भाजपा सांसद के घर पर हमला और राजनांदगांव में भाजपा नेता की हत्या को भी उन्होंने नक्सलियों से सांठगांठ का नतीजा करार दिया और कहा कि चुनाव के समय जितनी राशि देने का सौदा हुआ था, उतनी नहीं दी गई तो नक्सलियों ने हमला बोल दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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