'मदर डेयरी' नाम से उत्पाद नहीं बेच सकती निजी कंपनी
अदालत ने 'मां वैष्णवी एंटरप्राइजेज' की याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि इस कंपनी को यह ब्रांड नाम इस्तेमाल करने की इजाजत तब तक नहीं दी जा सकती जब तक कि ट्रेडमार्क उल्लंघन की मदर डेयरी की याचिका पर फैसला नहीं होता।
याचिका को खारिज करते हुए न्यायाधीश एस. रवींद्र भट ने कहा, "इस अदालत का विचार है कि एक जनवरी, 2009 को दिया गया अंतरिम फैसला तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कि मुकदमे में अंतिम फैसला नहीं होता।"
राष्ट्रीय डेयरी विकास प्राधिकरण की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मदर डेयरी ने मां वैष्णवी कंपनी द्वारा झारखण्ड में उसके ब्रांड नाम के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका दायर की थी। अदालत ने पिछले साल जनवरी में एक अंतरिम आदेश जारी कर कंपनी द्वारा इस ब्रांड नाम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने सोमवार को कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें 'मदर डेयरी' ब्रांड नाम को दुग्ध उत्पादों के संबंध में एक वर्णनात्मक शब्द बताते हुए कहा गया था कि इसके इस्तेमाल से ट्रेडमार्क उल्लंघन नहीं हुआ है।
'ऑपरेशन फूड प्रोग्राम' के तहत 1974 में दिल्ली में मदर डेयरी स्थापित की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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