सालमोन मछली उपभोग के लिए सुरक्षित
अगले दो से तीन सालों में पहली जीएम सालमोन अमेरिकी मेज पर भोजन के लिए परोसी जा सकती है और संभवत: इसके तुरंत बाद ही यह ब्रिटिश तश्तरियों में नजर आएगी।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक इससे अन्य आनुवांशिक रूप से परिवर्तित मछलियां व मनुष्य का भोजन बनने वाले अन्य जानवरों को विकसित करने की दिशा में नया द्वार खुला है।
वैसे कई आलोचकों ने मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
आनुवांशिक रूप से परिवर्तित भोजन या जीएम भोजन के आलोचकों का कहना है कि यदि इस तरह की मछलियां, मछलियों की जंगली आबादी के बीच पहुंच गईं तो वे उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं।
'जीएम अटलांटिक सालमोन' पेश करने वाली कंपनी 'एक्वा बाउंटी' का कहना है कि उसकी मछलियां सामान्य हैं लेकिन यह एक तथ्य है कि वे आकार में तीन गुना तेजी से बढ़ती हैं।
'यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' की दो विशेषज्ञ रिपोर्ट्स में जीएम सालमोन के उत्पादन को सुरक्षित बताया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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